नारी शक्ति को सशक्त बनाना राष्ट्र निर्माण की नींव है। महात्मा ज्योतिबा फुले राष्ट्रीय संस्थान ने महिला सम्मान और महिला सशक्तिकरण पर ज़ोर दिया है। इस ब्लॉग में हम महिला-प्रधान पहलों—”शिक्षिका सम्मान”, “महिला उद्योग शिविर”, “स्वास्थ्य अभियान”—और उनके असर का विस्तार से वर्णन करेंगे।
शिक्षिका सम्मान समारोह
3 जनवरी 2024 को “शिक्षिका सम्मान समारोह” आयोजित किया गया, जिसमें राज्यभर की 50+ आदर्श शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया।
इन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान दिया और नारी सम्मान की एक नई मिसाल कायम की।
समारोह में मंत्री, समाजसेवी और स्थानीय नेता उपस्थित रहे—जो नारी सशक्तिकरण का संदेश देते हैं।
महिला उद्योग एवं उद्यमिता शिविर
महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने हेतु प्रशिक्षण की आवश्यकता स्पष्ट थी।
संस्थान ने सिलाई-बुनाई, स्वास्थ्य-शिक्षा, डिजिटल मार्केटिंग विषय पर 10 दिवसीय कार्यशाला आयोजित की।
25 महिलाओं ने इसमें हिस्सा लिया और आत्म-निर्भर बनाने हेतु उन्हें प्रमाणपत्र, किट और आसानी से उपयोग किए जाने वाले सूचनात्मक सामग्री प्रदान की गई।
नारी स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
महिला स्वास्थ्य पर संस्थान ने विशेष ध्यान दिया। नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर, महिला विशेषज्ञ डॉक्टर और पेर्पेप टेस्ट जैसी निरंतर सुविधा उपलब्ध कराई गई।
3 मई रक्तदान शिविर के समय महिलाओं को विशेष साथ देकर स्वच्छ स्वास्थ्य एवं निःशुल्क दवा वितरण सुनिश्चित किया गया।
सामाजिक प्रेरणा और महिला नेतृत्व
महिलाएं संस्थान में प्रेरणा और नेतृत्व बनीं—जो बचपन से शुरू होकर निरंतर आदर्श बनीं।
उदाहरण: कृतिका शर्मा—जो “महिला उद्योग योजना” के बाद स्वयं सिलाई केंद्र चला रही हैं और वो अब 10 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं।
ये नेतृत्व परिवर्तन नारी स्वर को सशक्त करता है और सामाजिक विकास की नींव बनाता है।
महिला सम्मान और सशक्तिकरण में संस्थान की पहल सिर्फ समारोहों तक सीमित नहीं—यह लगातार कार्यशालाएं, स्वास्थ्य अभियान और नेतृत्व विकास का आधार है। जयपुर से शुरुआत कर राजस्थानभर में यह मिशन विस्तार कर रहा है। आइए—महिला सशक्तिकरण की इस अग्निपरीक्षा में हमारा साथ दें!