June 04, 2023 -

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जननायक श्री अशोक गहलोत जी

श्री अशोक गहलोत

श्री अशोक गहलोत एक अनुभवी भारतीय राजनेता हैं जिन्होंने तीन बार राजस्थान के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा की है — 1998 से 2003, 2008 से 2013 और 2018 से 2023 तक। वे जोधपुर के सर्दारपुरा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार विधायक रहे हैं और इससे पहले 1980, 1984, 1991, 1996 व 1998 में लोकसभा सदस्य रहे।

उन्होंने केंद्र सरकार में पर्यटन, नागरिक उड्डयन, खेल और वस्त्र मंत्रालय जैसे विभागों में मंत्री पद संभाले। 2017 में उन्हें गुजरात चुनाव के लिए कांग्रेस का प्रभारी भी नियुक्त किया गया था।

श्री अशोक गहलोत


प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

श्री अशोक गहलोत का जन्म 3 मई 1951 को जोधपुर में हुआ। उनके पिता लक्ष्मण सिंह गहलोत पेशे से जादूगर थे। उन्होंने B.Sc., LL.B. और अर्थशास्त्र में M.A. की पढ़ाई जोधपुर विश्वविद्यालय से की। वे एक सादगीप्रिय गांधीवादी नेता के रूप में पहचाने जाते हैं।

गांधीवादी दृष्टिकोण

श्री गहलोत बचपन से ही महात्मा गांधी के विचारों से प्रभावित रहे। उन्होंने वर्धा आश्रम में गांधीवादी जीवनशैली सीखी — सादा भोजन, शाकाहार, और नशा-मुक्त जीवन उनका हिस्सा रहा है।

समाज सेवा और छात्र राजनीति

1971 में बांग्लादेश शरणार्थी संकट के समय वे शिविरों में सेवा कार्य में लगे रहे। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने उनकी संगठनात्मक क्षमता को पहचानते हुए राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद वे NSUI के पहले प्रदेश अध्यक्ष बने।

संसदीय एवं केंद्रीय मंत्री पद

  • 1980, 1984, 1991, 1996, और 1998 में लोकसभा सदस्य रहे।
  • 1982–84 में नागरिक उड्डयन उप मंत्री रहे।
  • 1984 में खेल मंत्रालय के उप मंत्री बने।
  • 1991–93 तक वस्त्र मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री रहे।

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल

  • 1998–2003: सूखा राहत और रोजगार योजनाओं पर विशेष काम।
  • 2008–2013: सीमित बहुमत के साथ स्थिर सरकार चलाई।
  • 2018–2023: पशुधन मुफ्त दवा योजना, चिरंजीवी स्वास्थ्य योजना जैसी कई योजनाएं लागू कीं।

राजनीतिक चुनौतियाँ

2020 और 2022 में आंतरिक पार्टी संकट का उन्होंने सूझ-बूझ से समाधान किया। सचिन पायलट विवाद के समय भी उन्होंने संयम और कुशल नेतृत्व का परिचय दिया।

योगदान और विरासत

  • गांधीवादी सिद्धांतों के प्रति निष्ठावान जीवन।
  • तीन बार मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाईं।
  • जनहित योजनाओं पर फोकस: स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला कल्याण, वृद्धावस्था पेंशन।
  • राजस्थान में स्थायित्व और विकास का प्रतीक बनें।

श्री अशोक गहलोत एक ऐसे नेता हैं जिनका राजनीतिक अनुभव, नेतृत्व कौशल और जनसेवा की भावना उन्हें राजस्थान और भारत की राजनीति में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करती है। वे आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।

स्रोत: विकिपीडिया

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